धर्मरथ के अस्त्र: दान, बुद्धि और श्रेष्ठ विज्ञान | रामचरितमानस प्रसंग
धर्मरथ श्रृंखला • भाग 5 धर्मरथ के अस्त्र: दान, बुद्धि और श्रेष्ठ विज्ञान श्रीरामचरितमानस के धर्मरथ प्रसंग की सरल और प्रेरक व्याख्या जय श्री राम 🙏 श्रीरामचरितमानस के लंकाकाण्ड में भगवान श्रीराम विभीषण को धर्ममय रथ का रहस्य बताते हुए उसके प्रत्येक अंग को एक महान आध्यात्मिक गुण से जोड़ते हैं। पिछले भाग में हमने जाना कि ईश्वर-भजन धर्मरथ का सारथी, वैराग्य उसकी ढाल और संतोष उसकी तलवार है। अब भगवान श्रीराम धर्मरथ के तीन और शक्तिशाली साधनों का वर्णन करते हैं — दान, बुद्धि और श्रेष्ठ विज्ञान। दान परसु बुधि सक्ति प्रचंडा। बर बिग्यान कठिन कोदंडा॥ चौपाई का सरल अर्थ भगवान श्रीराम कहते हैं कि दान धर्मरथ का फरसा है, बुद्धि उसकी प्रचंड शक्ति है और श्रेष्ठ विज्ञान उसका कठिन धनुष है। इसका भाव यह है कि धर्म के मार्ग पर चलने वाले व्यक्ति के पास केवल बाहरी सामर्थ्य ही नहीं, बल्कि त्याग, सही समझ और गह...