मंत्र संग्रह | सभी देवी-देवताओं के प्रमुख मंत्र, अर्थ और जप विधि
भक्ति भावना के इस मंत्र संग्रह में भगवान हनुमान, शिव, श्रीराम, श्रीकृष्ण, गणेश, माँ दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती, विष्णु, सूर्य, शनि, गायत्री, नरसिंह, कालभैरव सहित प्रमुख देवी-देवताओं के मंत्र एक ही स्थान पर उपलब्ध हैं। प्रत्येक मंत्र संग्रह में सरल हिंदी अर्थ, भक्ति-भाव और सामान्य जप-विधि दी गई है।
हनुमान मूल मंत्र, हनुमान गायत्री, मनोजवं मंत्र, द्वादश नाम और सरल जप विधि।
हनुमान मंत्र पढ़ें →राम मूल मंत्र, राम तारक मंत्र, राम गायत्री, सीताराम नाम-जप और प्रमुख राम मंत्र।
श्रीराम मंत्र पढ़ें →कृष्ण मूल मंत्र, वासुदेव मंत्र, कृष्ण गायत्री, हरे कृष्ण महामंत्र और गोविंद-गोपाल नाम-जप।
कृष्ण मंत्र पढ़ें →ॐ गं गणपतये नमः, वक्रतुण्ड महाकाय, गणेश गायत्री, महागणपति और वैदिक गणपति मंत्र।
गणेश मंत्र पढ़ें →दुर्गा मूल मंत्र, दुर्गा गायत्री, सर्वमंगल स्तुति, या देवी सर्वभूतेषु और प्रमुख नाम-जप।
दुर्गा मंत्र पढ़ें →महालक्ष्मी मंत्र, श्रीं बीज, लक्ष्मी गायत्री, कमला-पद्मा मंत्र और प्रमुख लक्ष्मी नाम-जप।
लक्ष्मी मंत्र पढ़ें →सरस्वती मूल मंत्र, ऐं बीज, सरस्वती गायत्री, विद्या मंत्र, ध्यान मंत्र और नाम-जप।
सरस्वती मंत्र पढ़ें →माँ काली नाम मंत्र, क्रीं बीज, कालिका मंत्र, दक्षिण काली, भद्रकाली और प्रमुख नाम-जप।
काली मंत्र पढ़ें →गायत्री महामंत्र, मूल वैदिक सावित्री मंत्र, सरल अर्थ, शब्दार्थ, आवाहन और जप विधि।
गायत्री मंत्र पढ़ें →राधा मूल मंत्र, राधिका मंत्र, राधा गायत्री, कृष्णप्रिया, वृषभानुजा और राधे-राधे नाम-स्मरण।
राधा मंत्र पढ़ें →ॐ नमः शिवाय, महामृत्युंजय मंत्र, रुद्र गायत्री, रुद्र मंत्र और शिव नाम-जप।
शिव मंत्र पढ़ें →ॐ नमो नारायणाय, ॐ नमो भगवते वासुदेवाय, विष्णु गायत्री, ध्यान मंत्र और विष्णु नाम-जप।
विष्णु मंत्र पढ़ें →नृसिंह मूल मंत्र, उग्र नृसिंह मंत्र, नरसिंह गायत्री, प्रणाम मंत्र और लक्ष्मी नरसिंह नाम-जप।
नरसिंह मंत्र पढ़ें →कालभैरव मूल मंत्र, भैरव बीज मंत्र, कालभैरव गायत्री, अष्टभैरव नाम और सरल जप विधि।
भैरव मंत्र पढ़ें →ब्रह्मा मूल मंत्र, प्रजापति मंत्र, हिरण्यगर्भ मंत्र, ब्रह्मा गायत्री और प्रमुख ब्रह्मा नाम-जप।
ब्रह्मा मंत्र पढ़ें →सूर्य मूल मंत्र, घृणि सूर्य मंत्र, सूर्य बीज मंत्र, गायत्री, ध्यान मंत्र और द्वादश नाम।
सूर्य मंत्र पढ़ें →शनि मूल मंत्र, बीज मंत्र, शनि गायत्री, प्रणाम मंत्र, वैदिक मंत्र और प्रमुख नाम-जप।
शनि मंत्र पढ़ें →सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु और केतु—सभी नौ ग्रहों के मंत्र और नवग्रह स्तोत्र।
नवग्रह मंत्र पढ़ें →ऊपर अपने आराध्य देवी या देवता का मंत्र संग्रह चुनें। प्रत्येक पेज में सामान्यतः सरल नाम-मंत्र, प्रमुख पारंपरिक मंत्र, उनका सरल हिंदी अर्थ और सामान्य जप-विधि दी गई है।
सामान्य भक्ति में मंत्रों की संख्या से अधिक महत्वपूर्ण श्रद्धा, नियमितता और अच्छे कर्म हैं। विशेष दीक्षा, बीज मंत्र या परंपरा-विशेष साधना के लिए योग्य गुरु या आचार्य का मार्गदर्शन लेना उचित है।
सामान्य भक्ति में अपने आराध्य देवी-देवता का सरल नाम-मंत्र चुन सकते हैं। एक ही सरल मंत्र नियमित रूप से पढ़ना भी पर्याप्त है।
11, 21 या 108 बार जप अनेक परंपराओं में प्रचलित है, लेकिन सामान्य नाम-स्मरण में कोई संख्या अनिवार्य नहीं है।
अपने आराध्य का सरल नाम लें— जैसे “जय श्रीराम”, “ॐ नमः शिवाय”, “राधे राधे”, “जय माँ दुर्गा” या “जय हनुमान”।
मंत्र केवल शब्द नहीं, बल्कि स्मरण और साधना का माध्यम हैं। मंत्र-जप के साथ सत्य, करुणा, सेवा, संयम और अच्छे कर्मों को जीवन में उतारना भक्ति को और अधिक सार्थक बनाता है।