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दीपावली क्यों मनाई जाती है? श्रीराम वापसी, लक्ष्मी–विष्णु विवाह और इतिहास

🪔 भक्ति भावना • दीपावली विशेष 2026 दीपावली क्यों मनाई जाती है? श्रीराम की अयोध्या वापसी या लक्ष्मी–विष्णु विवाह — जानिए सभी प्रमुख मान्यताएँ, इतिहास और परंपराएँ एक पर्व, अनेक कथाएँ और एक ही संदेश — अंधकार से प्रकाश की ओर। उत्तर भारत की रामभक्ति से लेकर दक्षिण भारत के नरक चतुर्दशी उत्सव, बंगाल की काली पूजा, गुजरात के नववर्ष और नेपाल के तिहार तक दीपावली के विविध रूपों को समझिए। मुख्य दीपावली 2026: रविवार, 8 नवंबर • कार्तिक अमावस्या • पूजा का मुहूर्त अपने शहर के पंचांग से देखें। दीपावली आते ही घर-आँगन में दीप सजने लगते हैं। कहीं लोग भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मणजी के अयोध्या आगमन का उत्सव मनाते हैं; कहीं माता महालक्ष्मी का स्वागत करते हैं; कहीं भगवान श्रीकृष्ण की विजय याद की जाती है। ऐसे में प्रश्न स्वाभाविक है — आखिर दीपावली किस कारण से मनाई जाती है? क्या यह केवल श्रीराम के लौटने की खुशी का पर्व है, या माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु के विवाह का? इसका उत्तर है: दीपावली की अनेक धार्मिक और क्षेत्रीय व्याख्याएँ हैं। किसी एक कथा को सभी समुदायों की एकम...

धर्म, मज़हब और रिलिजन में अंतर क्या है? सनातन धर्म का शास्त्रीय अर्थ

॥ भक्ति भावना • विचार, संस्कृति और शास्त्रीय अध्ययन ॥ धर्म-विचार विशेष लेख क्या सारे धर्म एक हैं? ‘धर्म’, ‘मज़हब’ और ‘रिलिजन’ का अंतर समझिए सनातन धर्म का व्यापक अर्थ, शास्त्रीय प्रमाण और आज के समाज की एक बड़ी गलतफहमी हमारे समाज में एक वाक्य बार-बार सुनाई देता है— “सभी धर्म एक हैं, सब एक ही बात सिखाते हैं।” यह वाक्य आपसी सम्मान की भावना से कहा जाए तो इसका उद्देश्य अच्छा हो सकता है। लेकिन यदि इसका अर्थ यह निकाल लिया जाए कि सभी परंपराओं के ईश्वर-विचार, ग्रंथ, पूजा-पद्धति, आत्मा, कर्म, पुनर्जन्म और मुक्ति के सिद्धांत बिल्कुल एक समान हैं , तो यह गंभीर वैचारिक भूल है। सभी मनुष्यों को समान सम्मान देना और सभी मतों को विचार की दृष्टि से एक जैसा मान लेना—ये दो अलग बातें हैं। इसी भेद को समझना इस लेख का उद्देश्य है। लेख का मुख्य विचार: सनातन धर्म अपने शास्त्रीय प्रयोग में केवल किसी पंथ का नाम नहीं, बल्कि सत्य, कर्तव्य, आचरण, ऋत, आत्मबोध और जीवन-व्यवस्था से जुड़ी एक व्यापक अवधारणा है। दूसरी ओर ‘मज़हब’ और अंग्रेज़ी का ‘रिलिजन’ अपने-अपने भाषाई तथा ऐतिहासिक संदर्भों में विकसि...

सनातन संस्कृति क्या है? | भारतीय जीवन-पद्धति, परिवार, संस्कार, सेवा और उत्सव

🕉️ सनातन ज्ञान श्रृंखला सनातन संस्कृति क्या है? परिवार • संस्कार • सदाचार • सेवा • पर्व • कला • आध्यात्मिकता सनातन संस्कृति केवल पूजा-पद्धति, मंदिर, वस्त्र या त्योहारों का नाम नहीं है। यह धर्म, परिवार, संस्कार, ज्ञान, अतिथि-सत्कार, सेवा, करुणा, कला, उत्सव और आध्यात्मिक जीवन से जुड़ी एक विशाल और विविध सांस्कृतिक परंपरा है। पहले यह बात समझना जरूरी है: “सनातन संस्कृति” को पूरे भारत में हमेशा एक जैसी रही एक स्थिर जीवन-पद्धति नहीं समझना चाहिए। भारत के विभिन्न क्षेत्रों, भाषाओं, समुदायों और संप्रदायों में रीति-रिवाजों में बहुत विविधता रही है। इसके कुछ मूल धार्मिक आदर्श साझा हो सकते हैं, लेकिन उनका व्यवहारिक रूप समय और स्थान के साथ बदलता रहा है। 📚 सनातन ज्ञान श्रृंखला में पहले प्रकाशित लेख 1. सनातन धर्म क्या है? 2. सनातन धर्म कितना प्राचीन है? ...

सनातन धर्म, सनातन संस्कृति, हिंदू धर्म का इतिहास, वैदिक काल, वेद, प्राचीन भारत, सनातन ज्ञान

🕉️ सनातन ज्ञान श्रृंखला सनातन धर्म कितना प्राचीन है? वैदिक काल से आज तक की ऐतिहासिक यात्रा क्या सनातन धर्म की कोई निश्चित शुरुआत है? क्या यह पाँच हजार वर्ष पुराना है, उससे भी अधिक प्राचीन है, या धार्मिक दृष्टि से अनादि माना जाता है? आइए श्रद्धा और इतिहास — दोनों दृष्टियों को अलग-अलग समझें। सबसे जरूरी बात: सनातन परंपरा स्वयं को शाश्वत मानती है, इसलिए धार्मिक दृष्टि से इसकी कोई निश्चित “स्थापना तिथि” नहीं मानी जाती। इतिहासकार दूसरी ओर उपलब्ध ग्रंथों, पुरातत्त्व, भाषाविज्ञान और अभिलेखों के आधार पर भारतीय धार्मिक परंपराओं के क्रमिक विकास का अध्ययन करते हैं। पहले यह भी पढ़ें: 🕉️ सनातन धर्म क्या है? अर्थ, इतिहास और मूल सिद्धांत क्या सनातन धर्म की कोई एक जन्म-तिथि है? नहीं। इतिहास की दृष्टि से भी सनातन या हिंदू परंपराओं की कोई ऐसी एक तारीख नहीं है जिसे पूरे धर्म की स्थापना का दिन कहा जा सके। इसका...