ब्राह्मण कौन है? युधिष्ठिर–नहुष संवाद | महाभारत
॥ श्री गणेशाय नमः ॥ महाभारत • वनपर्व • अजगर पर्व ब्राह्मण कौन है—जन्म से या गुण और आचरण से? धर्मराज युधिष्ठिर और नहुष का प्रेरक संवाद महाभारत की एक ऐसी कथा, जिसमें अपार बल वाले भीमसेन संकट में पड़ जाते हैं और धर्मराज युधिष्ठिर सत्य, दान, क्षमा, सदाचार तथा ब्रह्मज्ञान के माध्यम से उनका उद्धार करते हैं। यह प्रसंग हमें बताता है कि मनुष्य का वास्तविक सम्मान किन गुणों से बनता है। प्रस्तुति: भक्ति भावना • मूल श्लोक, सरल हिंदी भावार्थ, कथा और जीवनोपयोगी शिक्षा हम अक्सर किसी व्यक्ति के बारे में उसके नाम, परिवार, कुल, पद या बाहरी पहचान से राय बना लेते हैं। किंतु क्या किसी मनुष्य की महानता को केवल जन्म से समझा जा सकता है? क्या उसका सत्य बोलना, दया करना, क्षमा करना और संयम रखना भी उतना ही आवश्यक नहीं है? महाभारत के वनपर्व में धर्मराज युधिष्ठिर और सर्परूपधारी राजा नहुष का संवाद इसी विषय पर गहरी दृष्टि देता है। यह केवल प्रश्नोत्तर नहीं है। इसके पीछे अहंकार से पतन, संकट में धैर्य, बुद्धि का महत्व, जीवन में सद्गुणों की परीक्षा और आत्मज्ञान की खोज—ये सभी सूत्र...