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महर्षि वाल्मीकि जयंती: आदिकवि का जीवन, रामायण की रचना, प्रथम श्लोक और लव-कुश की कथा

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॥ भक्ति भावना प्रस्तुत • आदिकवि वाल्मीकि विशेष ॥ महर्षि वाल्मीकि जयंती: आदिकवि का जीवन, रामायण की रचना, करुणा का प्रथम श्लोक और लव-कुश की कथा भारतीय काव्य-परंपरा में महर्षि वाल्मीकि को आदिकवि और संस्कृत रामायण का रचयिता माना जाता है। सात चित्रों के माध्यम से उनके व्यक्तित्व, करुणा, काव्य, श्रीराम के आदर्श और रामायण की मौखिक परंपरा को समझिए। परिचय रामायण जीवन-संदेश प्रथम श्लोक लव-कुश जयंती चित्र 1/7 — महर्षि वाल्मीकि जयंती • आदिकवि और रामायण के रचयिता 1. महर्षि वाल्मीकि कौन थे? महर्षि वाल्मीकि भारतीय ऋषि, कवि और आध्यात्मिक साहित्य की परंपरा में अत्यंत आदरणीय हैं। वाल्मीकि रामायण के प्रारंभिक सर्गों में वे ऐसे मुनि के रूप में दिखाई देते हैं जो नारद से आदर्श मनुष्य के गुण पूछते हैं, रामकथा सुनते हैं और फिर उसे काव्य में व्यक्त करते हैं। लोकपरंपराओं में उनके जीवन के अनेक प्रेरक आख्यान मिलते हैं। उन कथाओं का सांस्कृतिक महत्व है, लेकिन उनके जीवन का प्रत्येक लोकप्रिय विवरण समान स्तर के प्राचीन पाठ-साक्ष्य से प्रमाणित नहीं है। इसलिए मूल वाल्मीकि रामायण में वर्ण...

सनातन धर्म, सनातन संस्कृति, हिंदू धर्म का इतिहास, वैदिक काल, वेद, प्राचीन भारत, सनातन ज्ञान

🕉️ सनातन ज्ञान श्रृंखला सनातन धर्म कितना प्राचीन है? वैदिक काल से आज तक की ऐतिहासिक यात्रा क्या सनातन धर्म की कोई निश्चित शुरुआत है? क्या यह पाँच हजार वर्ष पुराना है, उससे भी अधिक प्राचीन है, या धार्मिक दृष्टि से अनादि माना जाता है? आइए श्रद्धा और इतिहास — दोनों दृष्टियों को अलग-अलग समझें। सबसे जरूरी बात: सनातन परंपरा स्वयं को शाश्वत मानती है, इसलिए धार्मिक दृष्टि से इसकी कोई निश्चित “स्थापना तिथि” नहीं मानी जाती। इतिहासकार दूसरी ओर उपलब्ध ग्रंथों, पुरातत्त्व, भाषाविज्ञान और अभिलेखों के आधार पर भारतीय धार्मिक परंपराओं के क्रमिक विकास का अध्ययन करते हैं। पहले यह भी पढ़ें: 🕉️ सनातन धर्म क्या है? अर्थ, इतिहास और मूल सिद्धांत क्या सनातन धर्म की कोई एक जन्म-तिथि है? नहीं। इतिहास की दृष्टि से भी सनातन या हिंदू परंपराओं की कोई ऐसी एक तारीख नहीं है जिसे पूरे धर्म की स्थापना का दिन कहा जा सके। इसका...

सनातन धर्म क्या है? | अर्थ, उत्पत्ति, इतिहास, मूल सिद्धांत और सनातन संस्कृति

🕉️ सनातन ज्ञान श्रृंखला सनातन धर्म क्या है? अर्थ • उत्पत्ति • इतिहास • मूल सिद्धांत • सनातन संस्कृति सनातन धर्म को समझने के लिए केवल पूजा-पद्धति नहीं, बल्कि धर्म, कर्म, ज्ञान, भक्ति, योग, आत्मा, पुनर्जन्म, मोक्ष, परिवार, संस्कार और प्रकृति के साथ उसके संबंध को भी समझना आवश्यक है। पहले एक महत्वपूर्ण बात समझें धार्मिक दृष्टि में सनातन धर्म को शाश्वत माना जाता है, इसलिए श्रद्धा की भाषा में इसकी कोई “आरंभ तिथि” नहीं मानी जाती। इतिहास और पुरातत्त्व की दृष्टि से विद्वान भारतीय धार्मिक परंपराओं, वैदिक साहित्य और बाद के ग्रंथों के विकास का अध्ययन अलग-अलग कालखंडों में करते हैं। इसलिए “सनातन धर्म ठीक इसी वर्ष शुरू हुआ” कहना ऐतिहासिक रूप से उचित नहीं है। सनातन शब्द का अर्थ क्या है? संस्कृत में “सनातन” का सामान्य अर्थ है — नित्य, शाश्वत, चिरस्थायी या सदैव रहने वाला । “धर्म” शब्द केवल आधुनिक अर्थ में “Religion” तक सीमित नहीं है। भा...