श्रीरामचरितमानस सुंदरकांड सम्पूर्ण अर्थ सहित | भाग 1 से 21
श्रीरामचरितमानस — सुन्दरकाण्ड
प्रत्येक भाग में मूल चौपाइयाँ, दोहे, छंद और उनके साथ सरल हिंदी भावार्थ दिया गया है, ताकि पाठक केवल पाठ ही न करें, बल्कि प्रसंग और उसके भाव को भी आसानी से समझ सकें।
नीचे दिए गए भागों को क्रम से पढ़ते हुए आप सम्पूर्ण सुन्दरकाण्ड का अध्ययन कर सकते हैं।
॥ आरंभ — हनुमान जी का लंका प्रस्थान ॥
॥ श्रीराम की मुद्रिका से लंका दहन तक ॥
॥ श्रीराम के पास वापसी से विभीषण शरणागति तक ॥
॥ समुद्र प्रसंग और सुन्दरकाण्ड समापन ॥
क्रम से पढ़ना चाहते हैं: भाग 1 से आरंभ करके प्रत्येक पोस्ट के नीचे दिए गए “अगला भाग पढ़ें” बटन से आगे बढ़ते जाएँ।
किसी विशेष प्रसंग को पढ़ना है: ऊपर दी गई सूची से सीधे उस प्रसंग का भाग खोल सकते हैं।
भावार्थ सहित अध्ययन: प्रत्येक मूल चौपाई, दोहा या छंद के नीचे सरल हिंदी भावार्थ दिया गया है।
हनुमान जी की सेवा, माता सीता का अटल विश्वास, विभीषण की शरणागति और श्रीराम की करुणा सुन्दरकाण्ड को भक्ति और धर्म का अनुपम मार्गदर्शक बनाते हैं।
॥ जय श्रीराम • जय हनुमान ॥