श्रीरामचरितमानस सुंदरकांड सम्पूर्ण अर्थ सहित | भाग 1 से 21
श्रीगोस्वामी तुलसीदास कृत
श्रीरामचरितमानस — सुन्दरकाण्ड
सम्पूर्ण मूल पाठ • सरल हिंदी भावार्थ • भाग 1 से 21
प्रत्येक भाग में मूल चौपाइयाँ, दोहे, छंद और उनके साथ सरल हिंदी भावार्थ दिया गया है, ताकि पाठक केवल पाठ ही न करें, बल्कि प्रसंग और उसके भाव को भी आसानी से समझ सकें।
नीचे दिए गए भागों को क्रम से पढ़ते हुए आप सम्पूर्ण सुन्दरकाण्ड का अध्ययन कर सकते हैं।
🚩 जहाँ से छोड़ा है, वहीं से अगला भाग खोलें — सभी भाग सही क्रम में नीचे दिए गए हैं।
॥ आरंभ — हनुमान जी का लंका प्रस्थान ॥
मंगलाचरण से माता सीता के दर्शन तक
भाग 1
सुंदरकांड मंगलाचरण
श्रीरामचरितमानस पञ्चम सोपान का आरंभ
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भाग 2
हनुमान जी का लंका प्रस्थान और मैनाक पर्वत
दोहा 1
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भाग 3
सुरसा ने ली हनुमान जी की परीक्षा
दोहा 2
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भाग 4
सिंहिका वध, लंका दर्शन और लंकिनी प्रसंग
दोहा 3–4
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भाग 5
लंका प्रवेश और विभीषण मिलन
दोहा 5–7
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भाग 6
अशोक वाटिका में माता सीता दर्शन और रावण संवाद
दोहा 8–10
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भाग 7
त्रिजटा का स्वप्न और माता सीता को आश्वासन
दोहा 11
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॥ श्रीराम की मुद्रिका से लंका दहन तक ॥
हनुमान-सीता संवाद • अशोक वाटिका • रावण सभा
भाग 8
श्रीराम की मुद्रिका और हनुमान-सीता संवाद
दोहा 12–14
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भाग 9
श्रीराम का संदेश, हनुमान जी का विराट रूप और माता सीता का आशीर्वाद
दोहा 15–17
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भाग 10
अशोक वाटिका, अच्छकुमार वध और मेघनाद से युद्ध
दोहा 18–20
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भाग 11
रावण-हनुमान संवाद और श्रीराम की शरण का उपदेश
दोहा 21–23
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भाग 12
हनुमान जी की पूँछ में अग्नि और लंका दहन
दोहा 24–26
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भाग 13
माता सीता की चूड़ामणि, हनुमान जी की वापसी और मधुवन
दोहा 27–29
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॥ श्रीराम के पास वापसी से विभीषण शरणागति तक ॥
सीता संदेश • श्रीराम-हनुमान प्रेम • विभीषण नीति और शरणागति
भाग 14
सीता माता का संदेश, श्रीराम की भावुकता और हनुमान प्रेम
दोहा 30–33
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भाग 15
हनुमान जी का भक्ति वरदान, श्रीराम का प्रस्थान और मंदोदरी की नीति
दोहा 34–37
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भाग 16
विभीषण का नीति-उपदेश, रावण का क्रोध और लंका त्याग
दोहा 38–41
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भाग 17
विभीषण का श्रीराम की शरण में आगमन और शरणागत-वात्सल्य
दोहा 42–45
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भाग 18
विभीषण को श्रीराम का आलिंगन, प्रभु का स्वभाव और लंका का राजतिलक
दोहा 46–49
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॥ समुद्र प्रसंग और सुन्दरकाण्ड समापन ॥
समुद्र से विनय • लक्ष्मण संदेश • नल-नील • अंतिम दोहा 60
भाग 19
समुद्र से मार्ग की विनती, रावण के गुप्तचर और लक्ष्मण का संदेश
दोहा 50–53
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भाग 20
श्रीराम की सेना का वर्णन, लक्ष्मण का पत्र और रावण को अंतिम चेतावनी
दोहा 54–57
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भाग 21 • अंतिम भाग
श्रीराम का समुद्र पर क्रोध, नल-नील का उपाय और सुंदरकांड समापन
दोहा 58–60 • अंतिम छंद
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📖 सुन्दरकाण्ड कैसे पढ़ें?
क्रम से पढ़ना चाहते हैं: भाग 1 से आरंभ करके प्रत्येक पोस्ट के नीचे दिए गए “अगला भाग पढ़ें” बटन से आगे बढ़ते जाएँ।
किसी विशेष प्रसंग को पढ़ना है: ऊपर दी गई सूची से सीधे उस प्रसंग का भाग खोल सकते हैं।
भावार्थ सहित अध्ययन: प्रत्येक मूल चौपाई, दोहा या छंद के नीचे सरल हिंदी भावार्थ दिया गया है।
॥ श्रीरामचरितमानस — सुन्दरकाण्ड ॥
हनुमान जी की सेवा, माता सीता का अटल विश्वास, विभीषण की शरणागति और श्रीराम की करुणा सुन्दरकाण्ड को भक्ति और धर्म का अनुपम मार्गदर्शक बनाते हैं।
॥ जय श्रीराम • जय हनुमान ॥