ओ मेरे रघुवर तू ही सहारा है | राम भजन लिरिक्स | Bhakti Bhavna
🚩 श्री राम भजन
ओ मेरे रघुवर तू ही सहारा है
प्रभु श्रीराम के प्रति प्रेम, विश्वास और पूर्ण समर्पण से भरा सुंदर भक्तिमय भजन।
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॥ श्री राम ॥
ओ मेरे रघुवर तू ही सहारा है,
मेरी नैय्यां का तू ही किनारा है।।
ओ मेरे रघुवर तू ही सहारा है,
मेरे रघुवर तू ही सहारा है।।
मेरे ख्वाबों में तू, मेरी स्वासों में तू,
मेरे दिल की धड़कन में, बस तू ही तू।
मेरे ख्वाबों में तू, मेरी स्वासों में तू,
मेरे दिल की धड़कन में, बस तू ही तू।।
दीवाने तेरे प्यार में, बड़ा ही बुरा हाल,
है पड़ा हूँ तेरे दर पे, ना होश ना ख्याल।
मेरी नैय्यां का तू ही किनारा है,
ओ मेरे रघुवर तू ही सहारा है,
मेरे रघुवर तू ही सहारा है।।
मेरी नैय्यां का तू ही किनारा है।।
अंधेरों में जैसे उजाले हो तुम
उजाले ही तुम,
गिरतों को कितने सम्हाले हो तुम,
सम्हाले ही तुम।
तेरे बिना रघुवर मेरी, दुनियाँ वीरान है,
तेरी किरपा से मेरी दुनियाँ में पहिचान है।
मेरी नैय्यां का तू ही किनारा है,
ओ मेरे रघुवर तू ही सहारा है,
मेरे रघुवर तू ही सहारा है।।
मेरी नैय्यां का तू ही किनारा है।।
ओ मेरे रघुवर तू ही सहारा है,
मेरे रघुवर तू ही सहारा है।।
मेरी नैय्यां का तू ही किनारा है।।
भजन का भाव
यह भजन प्रभु श्रीराम के प्रति भक्त के गहरे विश्वास, प्रेम और समर्पण की भावना को व्यक्त करता है।
भक्त प्रभु को ही अपने जीवन का सहारा और संसार रूपी भवसागर से पार लगाने वाला आधार मानता है।
कठिन परिस्थितियों में भी प्रभु के नाम और उनकी कृपा पर विश्वास बनाए रखने की प्रेरणा इस भजन में दिखाई देती है।
🙏 भक्ति भावना
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